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Veer Suryavanshi


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” तेरे बिना ”

Posted On: 12 Jun, 2014  
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Contest Entertainment कविता में

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अंजाम -ऐ-मुहब्बत

Posted On: 28 May, 2014  
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Contest कविता मस्ती मालगाड़ी में

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“मेरी गलती “

Posted On: 22 May, 2014  
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Contest Entertainment Others में

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” Meri Chahat “

Posted On: 21 May, 2014  
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Contest Junction Forum कविता में

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” एक ख़्वाहिश “

Posted On: 13 Aug, 2013  
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Career Contest Entertainment Junction Forum में

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” एक और गलती ”

Posted On: 11 Aug, 2013  
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Career Contest Entertainment Hindi News में

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” सरकार की करतूते ”

Posted On: 28 Jul, 2013  
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Politics social issues पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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दीद- ए – महबूब

Posted On: 28 Jul, 2013  
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Contest Entertainment कविता में

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” कुछ कहू …”

Posted On: 16 Jul, 2013  
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Others में

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अता – ए- इश्क

Posted On: 7 Jul, 2013  
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Contest Entertainment कविता में

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा: seemakanwal seemakanwal

दरआसल ऐसी हरकतों का मूल आधार उनके हाथ से सत्ता निकल जाने का डर है और यही डर उनकी हडबडाहट को पैदा भी करता है और बढाता भी है यहाँ इनकी हडबडाहट कभी – कभी उनके लिये सन्देहात्मक परिस्थितियाँ खडी कर देती है और यें महज उनका ही नही बल्कि लगभग सभी नेतओं का मानसिक गुण है जो दबाब कि स्थितियों में प्रदर्शित होता है । आज – कल सपा पार्टी लगी है गठबंधन में और बसपा लगी है सपा की खामियों को जनता के सामने लाने में । यहाँ हर कोई पार्टी लगी है अपनी दाल गलाने में और खुद को सही साबित कर विरोधी पार्टी को गलत साबित करने में । परन्तु क्या यें सभी दल अपने अपने स्थान पर सही है ? जो कर रहे है वो सही है ? सम्भवतः नही । यें अफरा तफरी महज़ प्रदेश सत्ता में नही केन्द्र में भी पूर्णरूप से व्याप्त है और मूल कारण है सत्ता । आज सत्ता इतनी मह्त्वपूर्ण है कि उसके लिये यें नेतागण गरीब जनता और आम इंसान दोनों के जीवन यापन को दिन प्रतिदिन और दुष्कर बनाते चले जा रहे है हमारी माननीय सरकार ने गरीबी रेखा इतनी छोटी कर दी है कि वो इंसान जो दिन भरे में एक वक्त ही खाना खाये उसके भी पाँव इससे आगे निकल जाये । लेकिन जिन्हें सोचना चाहिए वो इधर ध्यान भी नहीं दते मित्रवर ! बढ़िया लिखा है

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat




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